रांची, जून 11 -- रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने कांके स्थित नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (एनएलयू) के लिए वार्षिक अनुदान की मांग से जुड़े मामले की सुनवाई करते हुए सभी पक्षों को जवाब दाखिल करने का निर्दश दिया है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने गुरुवार को बार एसोसिएशन की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में झारखंड के विद्यार्थियों को 50 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिल रहा है और राज्य के मेधावी छात्रों के लिए यह महत्वपूर्ण संस्थान है। ऐसे में विश्वविद्यालय को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि विश्वविद्यालय की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए सीसीएल और सेल जैसी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों से कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएस...