बांका, मार्च 16 -- कटोरिया (बांका), निज प्रतिनिधि। कटोरिया बायपास का निर्माण लगातार जारी है, लेकिन इसके बीच रैयतों के जीवन और आजीविका पर संकट गहरा रहा है। अपने खेत, जमीन, घर के लिए आहें भरते लोग, अपने हक के लिए प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, और आश्वासन के बीच असहाय बने हुए हैं। यह कोई तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि मानवता और न्याय का सवाल बन चुका है। एनएच-333ए कटोरिया बायपास निर्माण अब सिर्फ एक सड़क परियोजना नहीं रह गया है, बल्कि यह रैयतों के जीवन, सम्मान और अधिकार से जुड़ा गंभीर सवाल बन चुका है। एक तरफ बायपास निर्माण कार्य लगातार जारी है, जबकि दूसरी ओर रैयत न्याय की आस में थाना, अंचल और जिला कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं। फाइलें घूम रही हैं, लेकिन जमीन पर राहत नहीं दिख रही। नवंबर 2025 में जब बिना मुआवजा और बिना विधिवत प्रक्रिय...