कुशीनगर, जून 23 -- कुशीनगर, मिथिलेश द्विवेदी। हाटा नगर में राष्ट्रीय राजमार्ग के सड़क चौड़ीकरण और निर्माण कार्य के दौरान किए जा रहे रेन वाटर हार्वेस्टिंग के उपायों को कुछ लोगों ने गलत समझ लिया है। इसे बोरवेल करार देते हुए भूगर्भ जल के प्रदूषण को लेकर डीएम से शिकायत की है। एनएएचआई ने स्पष्ट किया है कि एनएच पर जगह-जगह रेन वाटर हार्वेस्टिंग के उपाय किये जा रहे हैं, ताकि बरसात का जल सीधे भूगर्भ में चला जाए। इससे किसी नाली का कोई संबंध नहीं है।हाटा तहसील के कुछ लोगों ने डीएम से शिकायत की थी कि एनएचएआई की ओर से सड़क का चौड़ीकरण कराया जा रहा है। इसमें जगह-जगह बारेवेल बनाए जा रहे हैं। लोगों ने मान लिया था इस बोरवेल में नाली का पानी गिराया जाएगा। इसे जनस्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा बताया गया था। इस संबंध में पूछने पर एनएचएआई के साइट इंजीन...