प्रयागराज, दिसम्बर 23 -- इलाहाबाद विश्वविद्यालय में 21 से 23 दिसंबर तक स्नातक प्रथम सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं के माइनर विषयों की परीक्षाएं राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत पहली बार ओएमआर शीट पर कराई गई। विश्वविद्यालय ने पहली बार स्नातक और परास्नातक स्तर पर एक साथ सेमेस्टर परीक्षाएं बिनी किसी व्यवधान के करवाईं हैं। साथ ही विश्वविद्यालय ने समर्थ आधारित मूल्यांकन की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। इस बार प्रयोग के तौर कुछ ही पाठ्यक्रमों का समर्थ आधारित मूल्यांकन किया गया है। परीक्षा नियंत्रक एके कन्नौजिया ने बताया कि एनईपी के तहत विश्वविद्यालय परिसर और संबद्ध कॉलेजों में प्रथम सेमेस्टर में 13 हजार से भी अधिक विद्यार्थियों ने परीक्षा दी है। मेजर विषयों की परीक्षाओं में प्रश्नपत्र दो अथवा तीन भागों में विभाजित रहा, प्रत्येक भाग के लिए अलग कॉपी प्रदान...