बरेली, मई 4 -- कुपोषण के खिलाफ सरकारी सिस्टम के प्रयास के साथ ही अब लोग खुद भी जागरुक हो रहे हैं। कुपोषण मिटाने के लिए लोगों में जागरुकता का असर दिखने लगा है। जिला अस्पताल के के पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में इस माह 50 प्रतिशत बच्चों को खुद घरवालों ने ही भर्ती कराया है। एनआरसी में कुपोषित बच्चों को लाकर भर्ती कराने के लिए आशा, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और आरबीएसके की टीम को जिम्मेदारी दी गई है। क्षेत्र में स्क्रीनिंग के बाद कुपोषण का शिकार मिले बच्चों को एनआरसी रेफर किया जाता है। लेकिन कई बार परिजन ही तैयार नहीं होते। ऐसे में कुपोषित बच्चों को एनआरसी में भर्ती कराने में टीमों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ती थी। यह भी पढ़ें- पोषण पुनर्वास केन्द्र : चार माह में 78 अतिकुपोषित बच्चे हुए तंदरूस्त पहले कुल दाखिलों में बमुश्किल 10 फीसदी मामले ही ऐसे होत...