मेरठ, अगस्त 20 -- साइबर ठगों ने एनआईए अधिकारी बनकर सेवानिवृत्त शिक्षक को छह दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा। आतंकवादियों के खाते से उनके खाते में दो करोड़ रुपये आने और गिरफ्तारी का डर दिखाकर शिक्षक से सात लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। वह 18.80 लाख रुपये और देने की तैयारी में थे, लेकिन बैंक का अवकाश होने के कारण रकम ट्रांसफर नहीं हो सकी। बाद में पत्नी और दोस्तों को जानकारी देने पर उन्हें साइबर ठगी का पता चला। साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार नौंचदी थाना क्षेत्र की फूलबाग कॉलोनी निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक जीत सिंह के मोबाइल पर नौ अगस्त की सुबह करीब साढ़े नौ बजे रणजीत सिंह नामक व्यक्ति का फोन आया। उसने खुद को एनआईए अधिकारी बताते हुए कहा कि शिक्षक का आतंकवादियों से संबंध है और उनके खाते में आतंकियों के ...