कानपुर, जनवरी 23 -- जिले में मेडिकल कालेज का संचालन होने के बाद भी आग से जले व हार्ट अैटक के मरीजों के इलाज की सुविधा नहीं मिल सकी। जबकि ट्रामा सेंटर में महज खाना पूरी होने से दुर्घटना के गंभीर घायलों के लिए मेडिकल कालेज महज रेफर सेंटर बना है। कोरोना काल में मिले आक्सीजन कंसंट्रेटर, वेंटीलेटर व अक्सीजन प्लांट आदि का भी सदुपयोग नहीं होने से लाखों कीमत के उपकरण महज शो पीस बने हैं। जबकि लिक्विड आक्सीजन प्लांट बनने के बाद भी संचालन का इंतजार है। बनने के बाद भी लिक्विड आक्सीजन प्लांट नहीं हो सका चालू कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की कमी से मारामारी की स्थिति बनी थी। आक्सीजन के संकट से निपटने के लिए जिले को चार आक्सीजन प्लांट मिले थे। उस समय पीएम केयर फंड से लिक्विड आक्सीजन प्लांट स्वीकृत हुआ था। यह मेडिकल कालेज परिसर में पिछले साल बनकर तैयार...