नई दिल्ली, फरवरी 1 -- नंबर :: -20 लाख पेशेवरों की जरूरत होगी देश में 2030 तक क्रॉसर :: -15000 स्कूलों, 500 कॉलेजों में स्थापित होंगी 'कंटेंट क्रिएटर लैब' -'इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी' करेगी संचालन नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नौवें बजट में पहली बार शिक्षा क्षेत्र में रचनात्मकता (क्रिएटिविटी) पर विशेष ध्यान दिया गया है। सरकार ने आधुनिक तकनीक के समावेश के साथ भविष्य के रचनाकारों को तैयार करने का बीड़ा उठाया है। इसके तहत 'कंटेंट क्रिएशन' और एवीसीजी (एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, कॉमिक्स एंड गेमिंग) को स्कूली शिक्षा से जोड़ा जा रहा है। भारत में एवीसीजी सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है। अनुमान है कि वर्ष 2030 तक देश में इस क्षेत्र में 20 लाख से अधिक पेशेवरों की जरूरत होगी। ऐसे में सरकार ने स्कूल स्तर से ही छात्रों में कंटेंट ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.