नई दिल्ली, सितम्बर 10 -- सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को किशोर उम्र की लड़कियों के लिए ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण योजना के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका पर कड़ी नाराजगी जताई। शीर्ष अदालत ने एचपीवी टीके पर रोक से इनकार करते हुए याचिकाकर्ता को चेतावनी देते हुए कहा कि पर्याप्त वैज्ञानिक शोध एवं साक्ष्य के वैक्सीन के बारे में दावे नहीं करने चाहिए क्योंकि इस तरह की बातें सार्वजनिक स्वास्थ्य योजना को कमजोर या पटरी से उतार सकती हैं। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ यूनिवर्सल हेल्थ ऑर्गनाइजेशन की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में टीके के बुरे असर और मुआवजे के सिस्टम की कमी के आरोप लगाए गए थे। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा 'यह मामला लाखों लोगों की सेहत से जुड़ा है। हमसे क...