रांची, जुलाई 13 -- रांची, विशेष संवाददाता। हटिया प्रोजेक्ट वर्कर्स यूनियन की बैठक रविवार को हुई। महामंत्री लीलाधर सिंह ने दस वर्षों से काम करने वाले कुशल तकनीकी कामगारों को अप्रेंटिंस और गैर तकनीकी कामगारों को एचईसी के पैरोल पर अस्थायी मजदूर का दर्जा देने की मांग की है। दो वर्ष के बाद उनकी सेवा स्थायी करने की मांग की है। उन्होंने 20 वर्ष से अधिक समय से काम करने वाले मजदूरों को एचईसी में समायोजित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में ऐसे कामगारों को Rs.22,000 रुपये प्रतिमाह वेतन प्राप्त होता है। जबकि, स्थायी कर्मचारी Rs.25,000 रुपये वेतन पाते हैं। ऐसे में इन कामगारों को स्थायी करने से न केवल कर्मचारियों को लाभ मिलेगा, बल्कि निगम को भी लाभ होगा और औद्योगिक विवाद की स्थिति समाप्त हो सकेगी। परामर्शदात्री समिति दे चुका है सुझाव उन्होंने...
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