रांची, सितम्बर 27 -- रांची, विशेष संवाददाता। वित्तीय संकट से जूझ रहे एचईसी ने अपनी आंतरिक वित्तीय निगरानी को मजबूत करने के लिए स्वतंत्र इंटरनल ऑडिटर की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की है। इसके लिए योग्य चार्टर्ड अकाउंटेंट और कॉस्ट अकाउंटेंट फर्मों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। अब तक एचईसी में आंतरिक ऑडिट विभागीय स्तर पर ही होता था। हाल ही में बाहरी ऑडिट के दौरान वित्तीय वर्ष 2024-25 की इंटरनल रिपोर्ट पेश नहीं किए जाने मुद्दा सामने आया है। नए ऑडिटर की नियुक्ति से कंपनी के लेन-देन, खरीद, भुगतान, स्टोर, ठेके और विभिन्न विभागों के खर्चों की निष्पक्ष जांच होगी, जिससे वित्तीय व्यवस्था में पारदर्शिता और सुधार आएगा। खरीद पर भी रहेगी नजर, संपत्तियों की भी जांच

इंटरनल ऑडिटर की जिम्मेदारी इंटरनल ऑडिटर की जिम्मेदारी सिर्फ खातों के मिलान तक सीमित नहीं होगी। व...