रांची, मार्च 28 -- रांची, विशेष संवाददाता। एचईसी के मुद्दे पर सीटू के केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल ने भारी उद्योग मंत्री से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने एचईसी के लिए कार्यादेश, कार्यशील पूंजी और लंबित वेतन भुगतान जैसे अहम मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि बैंकों द्वारा हर महीने तीन करोड़ रुपये से अधिक ब्याज लिया जा रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि बैंक गारंटी प्रदान कर दी जाए या इसे सामान्य ऋण में परिवर्तित किया जाए, तो इस बचत राशि से मजदूरों का वेतन भुगतान संभव हो सकेगा। प्रतिनिधियों ने यह भी स्पष्ट किया कि एचईसी कभी बैंक डिफॉल्टर नहीं रहा है। इस पर उद्योग मंत्री ने गंभीरता दिखाते हुए जल्द आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया। बैठक के दौरान एचईसी के चेयरमैन को भी बुलाया गया और उन्हें आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। ...
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