एचआईवी से अधिक खतरनाक उससे जुड़ा सामाजिक कलंक है
कानपुर, सितम्बर 1 -- कानपुर। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन और उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी की ओर से छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के समाज कार्य विभाग में मंगलवार को एचआईवी-एड्स जागरूकता एवं संवेदनशीलता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को संक्रमण से बचाव, समय पर जांच और उपचार के साथ-साथ एचआईवी से जुड़े सामाजिक भेदभाव के प्रति जागरूक करना रहा। परियोजना प्रबंधक मनोज सिंह ने बताया कि भारत की लगभग 27.2 फीसदी आबादी युवा वर्ग की है, इसलिए इस वर्ग तक सही और वैज्ञानिक जानकारी पहुंचाना बेहद आवश्यक है। इंडिया एचआईवी इस्टीमेट्स 2025 के अनुसार, वर्ष 2024 में देश में लगभग 25.61 लाख लोग एचआईवी के साथ जीवन व्यतीत कर रहे हैं। जबकि 64 हजार से अधिक नए ...
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