नई दिल्ली, फरवरी 20 -- परीक्षा का समय छात्रों के लिए सिर्फ पढ़ाई की चुनौती नहीं होता, बल्कि यह मानसिक दबाव, उम्मीदों का बोझ और असफलता का डर भी साथ लाता है। जैसे-जैसे एग्जाम की तारीख नजदीक आती है, कई छात्रों में बेचैनी, घबराहट और आत्म-संदेह बढ़ने लगता है। अच्छी तैयारी होने के बावजूद एग्जाम हॉल में दिमाग का खाली हो जाना, पसीना आना या दिल की धड़कन तेज हो जाना एग्जाम एंग्जायटी के आम संकेत हैं। मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, सीमित मात्रा में तनाव परफॉर्मेंस को बेहतर बना सकता है, लेकिन जब यह नियंत्रण से बाहर हो जाए तो याददाश्त, फोकस और आत्मविश्वास पर नकारात्मक असर डालता है। यही कारण है कि परीक्षा के दौरान सिर्फ किताबों पर नहीं, बल्कि मन को शांत और संतुलित रखने पर भी ध्यान देना जरूरी है। साइकियाट्रिस्ट Dr Kurinji G R के अनुसार, सही ब्रीद...