प्रयागराज, मई 22 -- प्रयागराज, वरिष्ठ संवाददाता। मैहर धाम दर्शन के लिए शुक्रवार सुबह निकला चौरसिया परिवार शायद नहीं जानता था कि यह सफर उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा दर्द देने वाला आखिरी सफर बन जाएगा। कुछ ही पलों में तेज रफ्तार ने परिवार की खुशियां छीन लीं। शाम होते-होते शांतिपुरम स्थित घर के बाहर मातम पसरा था और हर आंख नम थी। पोस्टमार्टम के बाद जब दीपक चौरसिया और उनके दोनों बेटों दिव्यांशु व हर्षित के शव घर पहुंचे तो चीख-पुकार से पूरा मोहल्ला गूंज उठा। घर के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई। दीपक की पत्नी तारा देवी बेसुध होकर कभी पति तो कभी बेटों के शव से लिपटकर रोती रहीं। परिजनों और महिलाओं ने किसी तरह उन्हें संभाला, लेकिन घर का माहौल देखकर हर किसी की आंखें भर आईं। यह भी पढ़ें- दो कारों की टक्कर में दो बेटों संग पिता की मौतपारिवारिक पृष्ठभूमि मूल...