समस्तीपुर, अप्रैल 7 -- रोसड़ा/शिवाजीनगर। करेह नदी में डूबकर तीन सगे भाइयों की मौत के दूसरे दिन मंगलवार को भी बोरज गांव में मातमी सन्नाटा पसरा रहा। देर रात करीब एक बजे पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही तीनों भाइयों का शव गांव पहुंचा, परिजनों के चीख-चीत्कार ने रात के सन्नाटे को चीर दिया। पूरा गांव कोहराम से गूंज उठा। शव के गांव पहुंचते ही एक बार फिर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। हर कोई अंतिम दर्शन के लिए व्याकुल दिखा। परिजनों की हालत देख वहां मौजूद लोग भी अपने आंसू नहीं रोक सके। अहले सुबह जब एक साथ तीनों भाइयों की अर्थी उठी, तो यह मंजर देखकर हर किसी का कलेजा मुंह को आ गया। पूरे गांव में सन्नाटा छा गया और लोगों की आंखें नम हो गईं। ग्रामीणों का कहना था कि ऐसा दर्दनाक दृश्य उन्होंने पहले कभी नहीं देखा था। गांव के ढाब गाछी स्थित करेह नदी किनारे तीनों भाइयों...
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