कन्नौज, जनवरी 13 -- छिबरामऊ। महिला अस्पताल में चल रहे धरने पर बैठी कई आशाओं ने बताया कि वह लोग अस्पताल में डिलीवरी केस लाती है, लेकिन डिलीवरी होने के बाद बच्चे का जन्मप्रमाण पत्र बनवाने के लिए उन लोगों को महीनों भटकना पड़ता है। हालत यह है कि कई ऐसे बच्चे हैं, जिनका एक साल से भी ज्यादा का समय हो गया, लेकिन अभी तक उनका जन्मप्रमाणपत्र तक नहीं बनाया गया है। चंदरपुर की आशा ने बताया कि उनके गांव की 9 महिलाओं के बच्चों के जन्मप्रमाणपत्र बनने हैं, जिन एक महिला की डिलीवरी वर्ष 2023 में हुई थी, जबकि दो महिलाओं के वर्ष 2024 और छह महिलाओं के डिलीवरी वर्ष 2025 में हुई थी। इस बावत अस्पताल के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ.राहुल मिश्रा को भी अवगत कराया जा चुका है, लेकिन इसके बाद भी समस्या का अभी तक समाधान नहीं हो सका है।

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