कानपुर, अगस्त 26 -- जातिसूचक गालियां देने, मारपीट मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए सेन पश्चिम पारा के न्योरी गांव का मजदूर एक साल भटकता रहा। इस दौरान उसने करीब 25 शिकायतें की। इसके बाद भी सुनवाई नहीं हुई तो वह गले में फंदा डालकर घर की पहली मंजिल पर छज्जे की रेलिंग पर चढ़कर आत्महत्या की धमकी देने लगा। उसने लाउड हेलर से ग्राम प्रधान समेत तीन लोगों पर करीब एक साल से टार्चर करने और पुलिस से पिटवाने का आरोप लगाया। पुलिस करीब छह घंटे तक उसे समझाती रही, लेकिन वह कार्रवाई की जिद पर अड़ा रहा। अंतत: पुलिस ने उसकी तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर प्रति दिखाई, जिसके बाद वह नीचे उतरा। न्योरी गांव निवासी मजदूर श्याम सुंदर का करीब एक साल पहले पड़ोसी रामबाबू से विवाद हुआ था। श्याम सुंदर का आरोप है कि ग्राम प्रधान रामनरेश यादव के कहने पर पुलिस ने उसके खिलाफ मु...