वाराणसी, अप्रैल 5 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। कैंटोनमेंट के नेहरू पार्क में शनिवार की शाम चार-चार बांसुरियां एक साथ मुखर हुईं। अवसर था छावनी परिषद एवं दीपिका कल्चरल सोसाइटी ऑफ इंडिया की ओर से आयोजित साप्ताहिक वरुणा संध्या का। बनारस घराने के चार प्रतिभाशाली युवा बांसुरी प्रशिक्षुओं ज्योति पटेल, आशुतोष, शिवम मोदनवाल और इंद्रजीत ने न केवल तकनीकी कौशल का परिचय दिया बल्कि श्रोताओं को भावनात्मक रूप से भी जोड़ लिया। संध्या की शुरुआत राग जोग के आलाप, जोड़ और झाला से हुई। इसमें कलाकारों ने राग की गहराई और भाव को अत्यंत सूक्ष्मता से प्रस्तुत किया। आलाप की गंभीरता, जोड़ की क्रमिक गति और झाला की तीव्रता ने पूरे वातावरण को संगीतमय बना दिया। रूपक ताल की इस प्रस्तुति में लय और सुर का अद्भुत संतुलन भी श्रोताओं ने महसूस किया। तीन ताल में मध्य लय और द्रुत...
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