बलिया, मई 16 -- बेल्थरारोड, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के सोनाडीह गांव में गायत्री परिवार की ओर सेआयोजित तीन दिवसीय पांच कुंडीय गायत्री महायज्ञ की पुर्णाहुति शनिवार को भंडारे के साथ हुआ। महायज्ञ के समापन की पूर्व संध्या पर शुक्रवार की शाम आयोजित दीप महायज्ञ में असंख्य दीपकों के एक साथ प्रज्ज्वलित होते ही पूरा परिसर अलौकिक आभा से जगमगा उठा और श्रद्धालु भक्तिमय आनंद में सराबोर हो गए।प्रज्ञा पुराण कथा वाचक दयानंद सरस्वती ने दीप महायज्ञ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमें दीपक की लौ की तरह सदैव ऊपर उठने का प्रयास करना चाहिए। दीपक स्वयं जलकर बिना किसी स्वार्थ के दूसरों को प्रकाश देता है, उसी तरह हमें भी नि:स्वार्थ भाव से समाज को ज्ञान और मार्गदर्शन देना चाहिए। कहा कि गायत्री यज्ञ से मन, वातावरण और विचार तीनों शुद्ध होते हैं। आज सुबह वैदिक...