भदोही, मई 31 -- भदोही, संवाददाता। इन दिनों जनपद में गर्मी का प्रकोप चल रहा है। इसके कारण धान की नर्सरी पर गहरा प्रभाव पड़ रहा था। देखरेख मे थोड़ी सी कमी के कारण उत्पादन पर असर पड़ना तय है। ऐसे में समय पर सिंचाई एवं उपचार करके नर्सरी को बचाया जा सकता है। कृषि विज्ञान केंद्र घरांव के कृषि प्रसार अधिकारी डा. आरपी चौधरी ने बताया कि धान की नर्सरी को अच्छी तरह से पैदा करने को खेत में गोबर की खाद डालने का कार्य करें। जोताई से पहले 10 किलोग्राम डाई अमोरिया फास्फेट, ढ़ाई किलोग्राम जिंक सल्फेट को जोताई से पहले डालना चाहिए। यह भी पढ़ें- यूरिया और डीएपी के आवंटन में कटौती, किसान चिंतित 10 से 12 दिनों में पौधों का रंग हल्का पीला पड़ जाए तो एक सप्ताह में दो बार 10 किलोग्राम यूरिया एक हजार वर्ग मीटर की दर से मिट्टी के उपरी सतह पर छिड़काव करना चाहिए। बता...