पूर्णिया, अप्रैल 12 -- पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता।जिले के अधिकांश हिस्सों में धान की खेती किसानों की मुख्य आजीविका का आधार है, लेकिन बदलते जलवायु और बढ़ती लागत ने इसे दिनोंदिन चुनौतीपूर्ण बना दिया है। किसान कड़ी मेहनत और अधिक पूंजी लगाकर धान की खेती करते हैं, लेकिन इसके अनुपात में उन्हें उचित मुनाफा नहीं मिल पाता। धान की खेती में किसानों को सबसे बड़ी समस्या मौसम की अनिश्चितता से होती है। समय पर बारिश नहीं होना या अधिक वर्षा के कारण फसल को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। जलवायु परिवर्तन के कारण कभी सूखा तो कभी बाढ़ जैसी स्थिति बन जाती है, जिससे उत्पादन प्रभावित होता है। इसके अलावा, कीट और रोग भी फसल को नुकसान पहुंचाते हैं। जिस कारण किसानों की चिंता और बढ़ जाती है। एक एकड़ में औसतन 16 से 18 क्विंटल धान का उत्पादन होता है, हालांकि यह मिट्टी...