दरभंगा, जनवरी 23 -- दरभंगा। महारानी अधिरानी कामसुंदरी साहिबा का जाना एक युग का अवसान है। वे महाराजाधिराज डॉ. सर कामेश्वर सिंह के सपनों को साकार करने में पूरी निष्ठा से जुटी रहीं। ये बातें महारानी कामसुंदरी देवी देहावसान के बाद गुरुवार को उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शिक्षाविद डॉ. शिवकिशोर राय ने कही। मिथिला संस्कृत शोध संस्थान के पूर्व पांडुलिपि विभागाध्यक्ष डॉ. मित्रनाथ झा ने महारानी के धार्मिक व सामाजिक कार्यों को शिद्दत से याद किया। साथ ही कल्याणी फाउंडेशन की स्थापना को बड़ी उपलब्धि बतायी।

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