रोहित मिश्र, फरवरी 21 -- कोरोना काल में आयुष विभाग ने टेलीमेडिसिन सेवाएं लागू करने के लिए टैबलेट खरीद के लिए मई 2020 अग्रिम भुगतान कर दिया। योजना एक महीने में शुरू होनी थी। हालांकि, खरीद का करार करते हुए विभाग भूल गया कि टैबलेट को चलाने के लिए सिम भी चाहिए और उसमें डेटा भी होना चाहिए। बाद में सिम और डाटा का इंतजाम करके योजना शुरू होने में दो साल लग गए। यही नहीं, योजना शुरू होने के बाद सिम रीचार्ज न होने की वजह से आठ महीने बाद योजना फिर ठप हो गई। आयुष विभाग के इस कारनामे का खुलासा भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (सीएजी) की हालिया रिपोर्ट में हुआ है। सीएजी ने पाया कि राज्य आयुष सोसाइटी ने आयुष अस्पतालों में टेलीमेडिसिन की व्यवस्था शुरू करवाने के लिए यूपीडेस्को से मई 2020 में करार किया। टेलीमेडिसिन की सुविधा यूपीडेस्को में पंजीकृत फर्म स...