नई दिल्ली, सितम्बर 12 -- ग्लोबल मार्केट कमजोर होता रुपया और कमोडिटी लागत में लगातार हो रही बढ़ोतरी का असर कारों की कीमतों पर पड़ रहा है। यही वजह है कि अभी भी कई कंपनियां अपनी कारों को महंगा करने में लगी हुई हैं। दरअसल, BMW ग्रुप इंडिया अक्टूबर से कारों की कीमतों में एक और बढ़ोतरी पर विचार कर रही है। कंपनी के ऊपर परिचालन पर दबाव बना हुआ है। यदि इसे लागू किया जाता है, तो यह इस कैलेंडर ईयर में कंपनी का चौथी बार प्राइस हाइक होगा। BMW ने जनवरी में कीमतों में 3% तक की वृद्धि की थी। इसके बाद अप्रैल और जुलाई में 2% तक की बढ़ोतरी की। अप्रैल और जुलाई की बढ़ोतरी स्थानीय स्तर पर प्रोड्यूस और पूरी तरह से निर्मित BMW और मिनी व्हीकल पर लागू होती है। BMW ग्रुप इंडिया को इस साल 20,000 से अधिक कारें बेचने की उम्मीद है। वो लक्ष्य पूरा करने की राह पर है। नई ...