बगहा, जुलाई 28 -- बेतिया/हरनाटाड़, हिटी। वीटीआर में बाघों की संख्या बढ़ रही है। लेकिन उसकी सुरक्षा पर सवाल खड़े होने लगे हैं। वीटीआर नेपाल व यूपी से जुड़ा व खुला क्षेत्र है। अंतरराष्ट्रीय शिकारियों व तस्करों की नजर वीटीआर के बाघ समेत जानवरों पर होती है। एक दशक पहले सशस्त्र टाइगर फोर्स के गठन की बात हुई थी, लेकिन अब तक उसका गठन नहीं हो सका है। लाठी-डंडे से बाघों की सुरक्षा की जा रही है। कई बार अत्याधुनिक हथियारों से लैस वन अपराधियों से कर्मियों की भिड़ंत हो चुकी है। इसमें वे बौना साबित हो चुके हैं। वनकर्मियों के साथ आधा दर्जन बाघ भी शिकारियों के शिकार हो चुके हैं। यह भी पढ़ें- बाघ संरक्षण में हम दुनिया के लिए आदर्श सशस्त्र टाइगर फोर्स नहीं होने का फायदा वन अपराधी व अंतरराष्ट्रीय शिकारी उठा रहे हैं। यह भी पढ़ें- जानवर खूंखार, विभाग लाचार......