नई दिल्ली, जुलाई 29 -- सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में हुई आतंकी वारदात के आरोप में पिछले 12 सालों से जेल में बंद इंडियन मुजाहिदीन के दो आतंकियों को जमानत दे दी है। उन्हें राहत देते हुए कोर्ट ने कहा कि, आरोपियों को इतने लंबे समय तक जेल में रखना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिले आजादी के अधिकार का घोर उल्लंघन है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी कहा कि मामले को देखकर लगता है याचिकाकर्ताओं को एक जैसे आरोपों के लिए तीन अलग-अलग FIR में फंसाया गया है। सर्वोच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ताओं और आतंकी वारदात के आरोपियों मोहम्मद साकिब अंसारी और वकार अजहर की दो अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए उन्हें राहत दी। इन याचिकाओं में दिल्ली हाई कोर्ट के अप्रैल के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया गया था। यह भी पढ़ें- आप उन्हें ...