संवाददाता, मार्च 25 -- Sarayan River Revival: कभी अविरल बहने वाली सरायन नदी आज कई स्थानों पर नाले में बदल चुकी है। बारिश के मौसम में इसमें पानी जरूर आता है, लेकिन गर्मियों में इसकी धारा लगभग सूख ही जाती है। वर्षों से उपेक्षा, अतिक्रमण और गाद भरने के कारण सरायन नदी पहचान खोती जा रही थी। लेकिन, अब इस नदी को फिर से जीवन देने की पहल शुरू की गई है। सरकार की 'एक जिला, एक नदी' योजना के तहत सरायन नदी का चयन किया गया है। लगभग 170 किलोमीटर लंबी सरायन नदी लखीमपुर खीरी से निकलकर सीतापुर में गोमती में मिल जाती है। सरायन को अविरल बनाया गया तो इससे पर्यावरण, जल संरक्षण और कृषि को बड़ा लाभ मिलेगा। इस उद्देश्य से नदी के पुनर्जीवन की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है। सरायन नदी की सबसे बड़ी समस्या इसके किनारों पर अवैध कब्जे और जगह-जगह प्रवाह में आई रुकावट ह...