लखनऊ, मई 25 -- लखनऊ, संवाददाता। सीतापुर रोड मोहिबुल्लापुर निवासी मो. आरिफ सिद्दीकी के मुताबिक उन्होंने एक भूखंड 6 जून 2009 में अपनी पत्नी शीरीन फातिमा के नाम से खरीदा था। इसके बाद वह भूखंड पर काबिज हो गये। आरिफ ने बताया कि असल मालिक घनश्याम पाठक ने इसी भूमि को दोबारा 9 जून 2011 को रितु कुशवाहा और शशिकला के नाम पर रजिस्ट्री कर दी। आरोप है कि बाद किये गये दोनों बैनामे फर्जी और कूटरचित हैं। क्योंकि भूमि पहले ही उनकी पत्नी के नाम हस्तांतरित हो चुकी थी। विक्रेता को पुनः विक्रय का अधिकार नहीं था। आरिफ ने बताया कि इस फर्जीवाड़े की जानकारी जून 2025 में हुई। इसके बाद पुलिस से लगातार शिकायतें कर रहे हैं। उन्होंने घनश्याम पाठक समेत अन्य संबंधित लोगों पर धोखाधड़ी, जालसाजी और कूटरचना की रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है। पुलिस के मुताबिक तहरीर के आधार प...