चंदौली, जनवरी 22 -- शहाबगंज, हिन्दुस्तान संवाद। विकासखंड में पशुपालन विभाग में चिकित्सको की कमी से पशुपालकों के सामने दिक्कत हो रही है। हाल यह है कि शहाबगंज ब्लॉक में करीब 93 हजार पशुओं की देखभाल की जिम्मेदारी मात्र एक पशु चिकित्साधिकारी के कंधों पर टिकी हुई है। संसाधनों और कर्मचारियों की भारी कमी के कारण न केवल पशुपालकों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है। बल्कि विभागीय व्यवस्थाएं भी पूरी तरह से चरमरा गई हैं। क्षेत्र में पशुपालन विभाग के अंतर्गत दो पशु चिकित्सालय संचालित हैं। जिनमें एक शहाबगंज और दूसरा इलिया में स्थित है। इसके अलावा तीन पशु सेवा केंद्र सैदूपुर, उदयपुरा और खखड़ा में स्थापित किए गए हैं। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इन तीनों पशु सेवा केंद्रों व पशु चिकित्सालय इलिया पर कोई भी कर्मचारी तैनात नहीं है। भवन तो मौजूद हैं लेकिन डॉक...