कोच्चि, मई 22 -- सऊदी अरब की जेल में पिछले करीब 20 सालों से मौत की सजा के साए में जी रहे केरल के अब्दुल रहीम आखिरकार अब अपने घर लौटने वाले हैं। उनका यह सफर दहशत, अनिश्चितता, लंबी कानूनी लड़ाई और आम जनता द्वारा चलाए गए एक ऐतिहासिक अभियान की दास्तान है। पीड़ित परिवार द्वारा 34 करोड़ रुपये की 'ब्लड मनी' स्वीकार करने के बाद उनकी फांसी की सजा टल गई है और अब वह एक आजाद इंसान के तौर पर अपने वतन वापस आने की कगार पर हैं।महज 28 दिन में ही जेल पहुंच गए थे रहीम कोझिकोड जिले के रहने वाले 6 भाई-बहनों में सबसे छोटे अब्दुल रहीम केरल में अपने परिवार का पेट पालने के लिए ऑटो-रिक्शा और स्कूल बस चलाते थे। बेहतर जिंदगी की तलाश में वह 28 नवंबर 2006 को सऊदी अरब के रियाद गए थे, जहां उन्हें बतौर ड्राइवर नौकरी मिली थी। इसके साथ ही उन्हें अपने कफील (मालिक) के 17 वर्...