मुख्य संवाददाता, जुलाई 16 -- यूपी पुलिस दिन प्रतिदिन हाईटेक हो रही है। किस मुकदमे की विवेचना में क्या चल रहा है यह जानने के लिए अधिकारियों को अब विवेचक को फोन करने की जरूरत नहीं है। एनसीएल पोर्टल (न्यू क्रिमनल लॉज मानीटरिंग सिस्टम) ने इंस्पेक्टरों व दरोगाओं की धड़कनें बढ़ा दी हैं। प्रदेश में विवेचनाओं की मॉनीटरिंग हाईटेक तरीके से शुरू हो गई है। डीजीपी राजीव कृष्ण के निर्देश के बाद बुधवार को कमिश्नरेट में थाना प्रभारियों की क्लास ली गई। आगरा के डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने सिटी जोन के सभी एसीपी और थाना प्रभारियों को ऑनलाइन जोड़ा। बैठक में एक-एक करके सवाल किए। पूछा कि उनके थाने में कितनी विवेचनाएं कितने दिन में डिफॉल्टर हो जाएंगी। गंभीर अपराध में विवेचना निस्तारण 90 दिन और सामान्य अपराध में 60 दिन का प्रावधान है। ऐसा न करने पर विवेचना डिफ...