हल्द्वानी, अप्रैल 8 -- प्रमोद डालाकोटी हल्द्वानी। उत्तराखंड के स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के अभिभावक शिक्षा विभाग के दोहरे रवैये और सिस्टम की खामियों से परेशान हैं। एक तरफ सरकार मुफ्त और सस्ती शिक्षा के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा विभाग की ओर प्रकाशित किताबें जो एनसीईआरटी की तरह हैं। उनको महंगे दाम में बेचा जा रहा है।पड़ताल: पेज और कंटेंट समान, दाम में अंतरमंगलवार को 'हिन्दुस्तान' ने बाजार में किताबों के दाम, पेज संख्या और चैप्टर को लेकर पड़ताल की। इस दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। इस दौरान दोनों किताबों के दामों में भारी अंतर देखा गया। कक्षा एक की अंग्रेजी की किताब 'मृदंग' की बात करें तो एनसीईआरटी की किताब मात्र 65 रुपये की है जिसमें 119 पेज हैं। वहीं उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा विभाग की...