नई दिल्ली, जनवरी 23 -- भारत में नोटबंदी के बाद से डिजिटल पेमेंट में बड़ी तेजी आई है। 5, 10 या 50 रुपये तक की पेमेंट भी लोग अब धड़ल्ले से यूपीआई के माध्यम से कर रहे हैं और महज एक QR कोड स्कैन करते ही पेमेंट हो जाती है। QR कोड का बहुतायत में इस्तेमाल भले ही बीते कुछ सालों से बढ़ा है, लेकिन इसका आविष्कार काफी पहले हो गया था। इसका फुल फॉर्म भी कम लोगों की मालूम होगा, जो है- Quick Response code। दुनिया का पहला QR कोड 1994 में जापान में बना था। यही नहीं इसके आविष्कार की कहानी भी दिलचस्प है। इसे पहली बार किसी फिनटेक कंपनी या किसी बैंकिंग कंपनी ने तैयार नहीं किया था बल्कि एक कार कंपनी का यह आविष्कार था। दुनिया की नामी कार कंपनी Toyota की सहायक कंपनी Denso Wave ने इसे तैयार किया था। इसे तैयार करने वाले थे जापान के ही मासाहिरो हारा। यह क्यूआर कोड इ...