रांची, जुलाई 20 -- रांची, संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने एक्साइज ड्यूटी में कमी के बाद झारखंड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) द्वारा ठेकेदार के बिल से काटी गई राशि को सही ठहराते हुए जय बी इंटरप्राइजेज की याचिका खारिज कर दी। जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने कहा कि यदि कर बढ़ने पर अतिरिक्त वित्तीय भार जेबीवीएनएल वहन करता है, तो कर घटने पर उसका लाभ भी उसी को मिलेगा। ऐसी स्थिति में ठेकेदार उस राशि की वापसी का दावा नहीं कर सकता। मामला वर्ष 2009 में कतरास 10वीं एपीडीआरपी परियोजना से जुड़ा है। जय बी इंटरप्राइजेज को कार्यादेश दिया गया था, जिसमें सामग्री की कीमत सभी करों एवं एक्साइज ड्यूटी सहित तय थी। यह भी पढ़ें- उम्र सीमा को चुनौती देने वाली याचिकाएं खारिज, हस्तक्षेप से इनकार कार्य के दौरान केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी 8 प्रतिशत से घटाकर 6 प्र...