गोरखपुर, अप्रैल 10 -- गोरखपुर, निज संवाददाता। पानीपत गोरखपुर एवं गोरखपुर सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट के कार्य में गोरखपुर आगे हैं, जबकि, कुशीनगर, संतकबीरनगर एवं सिद्धार्थनगर में गाटों के सत्यापन में देर होने के कारण कार्य प्रभावित होने की आशंका है। निर्धारित समय मई तक सर्वे नहीं हो पाया, तो एक्सप्रेसवे का कार्य प्रभावित होगा। वहीं, काश्तकारों को मुआवजा मिलने में देर होने से उनका नुकसान होगा। दोनों एक्सप्रेसवे में गोरखपुर में राजस्व विभाग ने गाटों का सत्यापन कर दिया है और 3(A) सर्वे पूरा हो गया। दोनों एक्सप्रेसवे में पिलर लगाने वाली टीम आ गई है। फसल कटते ही संयुक्ट टीम सर्वे 3(D) शुरू करेगी।एनएचएआई के अनुसार, मई से पहले जमीन सर्वे का कार्य पूरा करना आवश्यक है। दोनों एक्सप्रेसवे में एक साथ सर्वे होना है। दो माह में यह कार्य पूरा हो जाएग...