समस्तीपुर, अक्टूबर 6 -- रोसड़ा, एप्र। चार साल बाद सकुशल लौटे अपहृत मूक-बधिर युवक रविशंकर के मामले में अब सबकी नजर न्यायालय में होने वाले उसके बयान पर टिकी है। युवक के मूक-बधिर होने के कारण न्यायालय ने साइन लैंग्वेज एक्सपर्ट की मौजूदगी में उसका बयान दर्ज कराने का निर्देश दिया है। इसके लिए केस आईओ एसआई मधुबाला भारती ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्राचार कर साइन लैंग्वेज एक्सपर्ट की प्रतिनियुक्ति का अनुरोध किया है। यह भी पढ़ें- बिहार में जिसकी हत्या में 3 लोगों को हुई जेल, वह नोएडा में जिंदा मिला; 4 साल बाद ऐसे खुला राजमामले की आगे की प्रक्रिया एक्सपर्ट की प्रतिनियुक्ति के बाद ही युवक का बयान दर्ज कराया जा सकेगा। केस आईओ ने बताया कि न्यायालय में दर्ज होने वाले बयान के आधार पर ही मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। इधर, चार साल बाद पुत्र को सक...