नई दिल्ली, अगस्त 23 -- आज 23 अगस्त को सावन माह की पुत्रदा एकादशी है। एकादशी को सभी व्रतों का सार माना जाता है। हर पंद्रह दिन में आने वाला यह व्रत इंद्रियों को शुद्ध करता है और श्रीहरि की कृपा से जीवन में बदलाव लाता है। भगवान के हृदय से प्रकट हुई एकादशी की बड़ी महिमा है। सही तरीके से एकादशी का व्रत रखने पर मन और बुद्धि दोनों में प्रकाश आता है। पूजा से लेकर खान-पान तक कुछ जरूरी नियम हैं, जिनका पालन जरूर करना चाहिए।एकादशी का विशेष महत्व एकादशी व्रत रखने वाले की ग्यारह इंद्रियां पवित्र हो जाती हैं। आंख, कान, नाक, हाथ, पैर समेत सभी इंद्रियों पर नियंत्रण बढ़ता है। पुराणों में एकादशी की महिमा जगह-जगह गाई गई है। कोई और व्रत करें या ना करें, लेकिन एकादशी जरूर रखें। यह सभी यज्ञ और तप का फल देने वाली मानी जाती है। भगवान की भक्ति, शारीरिक शुद्धता और ...