नई दिल्ली, जून 25 -- निर्जला एकादशी का व्रत भगवान विष्णु की पूजा के लिए सबसे महत्वपूर्ण व्रतों में से एक माना जाता है। इस व्रत का पारण द्वादशी तिथि में किया जाता है। पारण के समय ज्यादातर घरों में सबसे पहले तुलसी दल के साथ जल या चरणामृत ग्रहण किया जाता है। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल आता है कि पारण में तुलसी का इतना महत्व क्यों है? अगर घर में तुलसी न हो तो क्या व्रत का पारण किया जा सकता है? आइए जानते हैं धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषाचार्यों की राय।भगवान विष्णु को सबसे प्रिय है तुलसी धार्मिक मान्यता है कि तुलसी भगवान विष्णु को सबसे प्रिय है। यही वजह है कि विष्णु पूजा में तुलसी दल अर्पित किए बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। चूंकि एकादशी का व्रत भी भगवान विष्णु को समर्पित होता है, इसलिए पारण के समय तुलसी का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता ...