बगहा, जून 25 -- वाल्मीकिनगर। पड़ोसी देश नेपाल के त्रिवेणी के संगम तट पर गुरुवार को ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष के एकादशी के दिन श्रद्धालुओं ने स्नान दान किया। त्रिवेणी के ज्योतिषाचार्य जगदीश उपाध्याय ने बताया कि ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष के एकादशी को निर्जला एकादशी के रूप मे मनाया जाता है। निर्जला एकादशी को अत्यंत पुण्यदायी तथा फलदायी व्रत के रूप में माना जाता है।आज के दिन नदी में स्नान कर पानी समेत त्याग कर व्रत रखने का विधान है। भगवान विष्णु के प्रति समर्पित यह व्रत केवल धार्मिक आस्था का विषय ही सिर्फ नही है। बल्कि इस व्रत को आत्मसंयम,अनुशासन तथा सांस्कृतिक जीवन शैली के साथ जोड़ा गया है। यह भी पढ़ें- निर्जला एकादशी 2026: व्रत का पारण करने से पहले करें ये 3 काम, जानें शुभ समय, विधि आज पूर्ण रूप से उपवास रख कर जल व शरबत दान किया। यह भी पढ़ें- Nirjala Ekada...