जौनपुर, मार्च 22 -- सतहरिया, हिन्दुस्तान संवाद। गायत्री शक्तिपीठ मुंगराबादशाहपुर पर प्रज्ञा पुराण कथा के तीसरे दिन शांति कुंज हरिद्वार से आए संत गौरीश पाण्डेय ने कहा कि एकाग्रता और समर्पण ही परम पिता परमेश्वर की प्राप्ति के लिए सहज मार्ग है। इसके लिए भक्तों को अपने मनोभूमि में भगवान को समर्पित श्रद्धा के बीज बोना चाहिए। उन्होंने कहा कि कथा सिर्फ सुनने की चीज नहीं, बल्कि उसे अपने अंदर उतारना चाहिए। चौरासी लाख योनियों में मानव तन बहुत ही मुश्किल से मिला है। इसे अनावश्यक बर्बाद नहीं करना चाहिए। इसके लिए बड़े बड़े ऋषि मुनि तरसते रहते हैं। उन्होंने कहा कि कथा को सुनकर उसकी यथार्थता पर विचार करना चाहिए और उसे महाप्रसाद के रूप में ले जाकर घर में बांटना चाहिए। सत्य मंगलकारी और झूठ अमंगलकारी है। इस लिए जीवन में इसके भेद को अच्छी तरह से समझ लेना चा...