प्रयागराज, जनवरी 15 -- प्रयागराज, विधि संवाददाता। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि एकल न्यायपीठ के समक्ष पोषणीय याचिका पर खंडपीठ में सुनवाई नहीं हो सकती है, क्योंकि इलाहाबाद हाईकोर्ट का रोस्टर इसकी अनुमति नहीं देता है। आरोप पत्र दाखिल होने और न्यायलय के संज्ञान लेने के बाद प्राथमिकी रद्द करने की मांग में दाखिल आपराधिक याचिका खारिज करते हुए यह निर्णय न्यायमूर्ति सी डी सिंह और न्यायमूर्ति लक्ष्मी कांत शुक्ला की खंडपीठ ने दिया है। गाज़ियाबाद के संजय शाही के खिलाफ़ उनके व्यवसायिक साझेदार ने मुकदमा दर्ज़ कराया है। आरोप है कि दोनों साझेदारी में जमीन का व्यवसाय करते थे। 16मार्च 2024 को शिकायतकर्ता को याची संजय शाही ने अपने घर बुलाया और मार पीट व धमकाकर जबरदस्ती 17.5 करोड़ के चेक पर हस्ताक्षर करा लिए। इस मामले में गिरफ्तारी पर रोक और प्राथमिकी रद्द...