रांची, मार्च 28 -- रांची, वरीय संवाददाता। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से सात दिवसीय शिव महापुराण कथा के अंतिम दिवस बड़ी संख्या में भक्त प्रवचन सुनने के लिए आए। कथाव्यास डॉ सर्वेश्वर ने उपस्थित शिव भक्तों को श्री गणेश उत्पत्ति व महिषासुरमर्दन की कथा सुनाई। कथा व्यास जी ने देवी चरित्र की व्याख्या करते हुए बताया कि माता महिषासुरमर्दिनी का प्राकट्य तब हुआ, जब समस्त देवगणों ने अपनी शक्तियों का ऐक्य किया। सभी के संगठित प्रयासों से ही वो शक्ति पुंज एकत्रित हुआ। इससे ही महिषासुर जैसे दुर्दांत दैत्य का अंत हुआ। उन्होंने प्रवचन करते हुए कहा कि आज भी यदि समाज से आतंक, भेदभाव, द्वेष, घृणा, व नफरत के महिषासुर का अंत करना है तो जरूरत उसी संगठन को स्थापित करने की है, जहां सबके मन एक हों, मत एक हों। जहां संगच्छध्वं संवद्ध्वं की ध्वनि गुंजायमान हो औ...