बलिया, जून 3 -- बांसडीह, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के बंकवा गांव में तालाब की खुदाई के दौरान प्राचीन पुरावशेष मिलने के बाद से स्थल की ऐतिहासिकता को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। लगभग डेढ़ से दो हजार वर्ष पुरानी ईंटों से निर्मित इस संरचना को इतिहास के जानकार कुषाणकाल या गुप्तोत्तर काल के मान रहे हैं। ग्रामीणों की ओर से सूचना के बाद एसडीएम ने अपने स्तर से डीएम को पत्र लिखकर जानकारी दी है। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने बताया कि एएसआई (आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया) वाराणसी को सूचना दे दी गई है। उनके जल्द ही यहां आने की उम्मीद है। बंकवा गांव के नरला मौजा में देवानंद सिंह व राजकुमार सिंह अपने खेत में मछली पालन के लिए तालाब खोदवा रहे थे। इसी दौरान करीब तीस फीट नीचे लम्बी ईंटों की दीवारनुमा संरचना उभरकर सामने आई। ईंटों के आकार, संरचना, जुड़ाई आदि...