बस्ती, मार्च 11 -- बस्ती, निज संवाददाता। नौ प्रसव में पांच नवजात हुई मौत के मामले की जांच में जांच टीम में शामिल अधिकारियों ने एएनएम और आशा कार्यकर्ता को दोषी माना है। रिपोर्ट के आधार पर सीएमओ ने एएनएम और आशा कार्यकर्ता पर कार्रवाई करते हुए सीडीओ को रिपोर्ट प्रेषित की है। मामला सीएचसी हर्रैया के स्वास्थ्य उपकेंद्र मरविटया का है। इसी गांव रहने वाली रंजना राजभर पत्नी सावनदीन को कुल नौ प्रसव हुए थे, जिनमें से केवल चार लड़के जीवित हैं। तीन बालिकाएं और दो बालक की जन्म के दो माह के भीतर मृत्यु हो गई थी। जांच में पाया गया कि नौ प्रसव में केवल दो संस्थागत (सीएचसी हर्रैया और सीएचसी कप्तानगंज) तथा सात घर पर हुए थे। महिला को जेएसवाई का भी लाभ नहीं मिला था। इस मामले को सीडीओ सार्थक अग्रवाल ने समीक्षा के दौरान पकड़ा था। मामले में प्रारंभिक जांच यूपी-ट...
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