मुजफ्फरपुर, अप्रैल 16 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ते तापमान के बीच एईएस नियंत्रण के लिए तैयारी तो तेज कर दी है, लेकिन इसमें कई स्तर पर खामी है। दूरदराज क्षेत्रों से एमईएस के लक्षण वाले मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती होती है। इसके लिए गाड़ियां टैग किए जाने में गड़बड़ी सामने आई है। पीएचसी और पंचायातों से टैग गाड़ियों में लगभग 90 प्रतिशत ऑटो हैं। ऐसे में मरीजों को समय से अस्पताल पहुंचाना कठिन होगा।इतना ही नहीं, कई ऐसे लोगों के नाम भी टैग गाड़ियों की सूची में हैं, जिनके पास अपना वाहन ही नहीं है। एईएस के लिए ज्यादा चार पहिया वाहनों को ज्यादा टैग किया जाना चाहिए था ताकि पीड़ित बच्चों को तत्काल एसकेएमसीएच पहुंचाया जा सके। इसके बावजूद व्यावहारिक परेशानियों को नजरअंदाज करते हुए ज्यादातर ऑटो टैग कर दिए...