मुजफ्फरपुर, फरवरी 27 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। एईएस को लेकर गंभीर चिंता के बावजूद जांच के इंतजाम में कोताही हो रही है। 27 करोड़ से बने मॉडल अस्पताल में भी एईएस की जांच नहीं हो रही है। डेढ़ वर्ष से चल रही माइक्रोबायोलॉजी लैब में एईएस जांच के लिए किट नहीं है। पिछले वर्ष घोषणा की गई थी कि जिला अस्पताल में भी चमकी के लक्षण वाले मरीजों की एईएस की जांच हो सकेगी। माइक्रोबायोलॉजी लैब में इसकी जांच करने का दावा विभाग ने किया था। मॉडल अस्पताल के अलावा सभी पीएचसी में भी लक्षण के आधार पर ही एईएस का इलाज किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने एईएस की एक्सपर्ट कमेटी की बैठक में दावा किया था कि पीएचसी-सीएचसी में चमकी के लक्षण वाले बच्चों की इलेक्ट्रोलाइट की जांच करायी जाएगी, लेकिन हकीकत में कई जगह मशीन और रीएजेंट तक उपलब्घ नहीं है। इस वर्ष जनवरी में ...
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