मुजफ्फरपुर, अगस्त 18 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता/मृत्युंजय दवा बनाने में अब एआई का इस्तेमाल किया जायेगा। इसके लिए फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया ने नये सिलेबस में एआई को शामिल किया है। नये सत्र से यह सिलेबस सभी फार्मेसी कॉलेजों में शुरू हो जायेगी। बिहार में दो दर्जन से अधिक कॉलेजों में फार्मेसी की पढ़ाई होती है और हर साल हजारों छात्र इस कोर्स में दाखिला लेते हैं। एमआईटी में भी फार्मेसी की पढ़ाई करायी जाती है। एमआईटी के प्राचार्य प्रो. मिथिलेश कुमार झा का कहना है कि फार्मेसी में एआई के इस्तेमाल से छात्र दवा बनाने में नई तकनीक सीख सकेंगे। एआई का उपयोग सीखने से नौकरियों में भी फार्मेसी के छात्रों को फायदा होगा。

नवाचार और अनुसंधान पर जोर फार्मेसी के नये सिलेबस में नवाचार और अनुसंधान पर विशेष जोर दिया गया है। फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया का कहन...