लखनऊ, मई 4 -- दिल की बीमारी तेजी से बढ़ रही है। बेढंगी जीवनशैली, खान-पान और आरामतलबी ने समस्या को और गंभीर बना दिया है। नई दवाएं और इलाज की तकनीक में भी बदलाव आया है। यह जानकारी लोहिया संस्थान में कॉर्डियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. भुवन चन्द्र तिवारी ने दी। एसोसिएशन ऑफ कार्डियक टेक्नोलॉजिस्ट (एओसीटी) की ओर से सोमवार को कार्डियोवैस्कुलर टेक्नोलॉजिस्ट कॉन्फ्रेंस का आयोजन हुआ। कानपुर रोड स्थित होटल में देश-विदेश से लगभग 400 कार्डियोवैस्कुलर टेक्नोलॉजिस्ट एवं नर्सिंग प्रोफेशनल्स ने हिस्सा लिया।

एआई आधारित कार्डियक इमेजिंग डॉ. भुवन चन्द्र तिवारी ने कहा कि एआई आधारित कार्डियक इमेजिंग और डिजिटल कैथलैब सिस्टम आने वाले समय में इलाज की गुणवत्ता और सटीकता को नई ऊंचाई देंगे। इससे न केवल डॉक्टरों बल्कि टेक्नोलॉजिस्ट और नर्सिंग स्टाफ की कार्यक्षमता भी ...