एआई सिर्फ मददगार, डॉक्टर का अनुभव ही असल इलाज
कानपुर, जुलाई 1 -- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) ने चिकित्सा जगत में भी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा दी है। मरीज भी अब गूगल और एआई से जानकारी जुटाकर डॉक्टर के पास पहुंच रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या तकनीक कभी डॉक्टर की जगह ले सकती है। क्या इंटरनेट का ज्ञान इलाज का आधार बन सकता है। डॉक्टर्स डे पर आपके अपने अखबार 'हिन्दुस्तान' ने शहर के वरिष्ठ चिकित्सकों से ऐसे पांच सवाल पूछे, जो आज हर मरीज और हर परिवार के मन में हैं। विशेषज्ञों का स्पष्ट मत है कि एआई इलाज को तेज और बेहतर बनाने में मददगार जरूर है, लेकिन सही निर्णय, मरीज का भरोसा, उसकी मानसिक स्थिति को समझने की क्षमता आज भी सिर्फ डॉक्टर के अनुभव से ही संभव है।
आज के मरीज की सबसे बड़ी गलती क्या है? जवाब : आईएमए की सचिव डॉ. शालिनी मोहन कहती हैं कि मरीज बीमारी के शुरुआती संकेतों को अक्सर नजरअ...
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